बुजुर्ग की मौत के बाद मरहमपट्टी जिस गेट ने ले ली जान उसे ही वेल्डिंग कर की जा रही खानापूर्ति
धार@विक्की सैयद
गत दिनों शहर के सबसे व्यस्तम ओर सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्टर कार्यालय परिसर में एक लोहे का भारी गेट अचानक गिर गया था जिसमे दबने के कारण शहर के रासमंडल निवासी बुजुर्ग परसराम जाट की सिर व चहरे पर गंभीर चोट लगने से मोके पर ही मौत हो गई थी घटना की जाँच के लिए एक टीम का गठन किया गया है बुजुर्ग की पीएम रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही करेगा।
बुजुर्ग की मौत के बाद प्रशासन की लापरवाही देखने को मिली थी घटना के बाद भी लोहे के गेट का भारी हिस्सा कई घंटों तक दीवार के सहारे वही रखा हुआ था मध्यप्रदेश न्यूज़ ट्रेक की खबर के बाद जिम्मेदारों की नींद खुली ओर लोहे के गेट को वहाँ से हटाया गया।
लेकिन आज फिर एक बड़ी ओर गंभीर लापरवाही देखने को मिली है जिम्मेदारों ने “कातिल” गेट को वेल्डिंग का मरहम लगा कर दोबारा वही लगा दिया है जिससे भविष्य में फिर दुर्घटना होने की संभावना जताई जा रही है।

आमजन का कहना है कि प्रशासन फिर से उसी सड़ चुके दरवाजे को लगवा रहा है जिससे कभी भी दुर्घटना घट सकती है।

बुजुर्ग की जान लेने वाले कलेक्टर कार्यालय के लोहे के दरवाजे को दोबारा वेल्डिंग कर लगाने के मामले पर मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के प्रतिनिधि व जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर एडवोकेट ने कहा कि लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है जो भारी भरकम गेट गिरा था पहले तो उसे 24 घंटे तक उठाया ही नहीं गया मीडिया और नेताओं के संज्ञान में लाने पर उसे उठाया गया उसके बाद इस खराब पिलर पर जो पिलर गेट के वजन को झेल नहीं सकता उस पर उतने ही वजन का दरवाजा फिर वेल्ड किया जा रहा है जो सीधे-सीधे जनता की जान से खिलवाड़ है शासन प्रशासन को बुजुर्ग की मौत से कोई मतलब ही नहीं है अगर अधिकारियों की लापरवाही इसी प्रकार जारी रही तो कांग्रेस बड़ा जन आंदोलन करेगी।
वहीं पूरा मामले को लेकर धार एसडीएम राहुल गुप्ता से संपर्क करना चाह तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
