परिसर के नजदीक हुई नमाज दो जुमे छुटे तीसरे जुमे पर गिले शिकवे दूर हुए शांति व्यवस्था बनाने में प्रशासन रहा कामयाब
भोपाल-धार (खान आशु/विक्की सैयद)
देश भर में चर्चित मध्यप्रदेश की भोजशाला कमाल मौलाना मस्जिद विवाद पर 15 मई को हाई कोर्ट के फैसले ओर उसके बाद दोनों समुदायों के बीच खाई गहरी हो चली थी।
फैसले से असंतुष्ट मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को फौरी राहत देते हुए परिसर के नजदीक खुली जगह पर नमाज की इजाजत दी थी लेकिन इसमें कम्युनिकेशन गेप बड़ी वजह बनी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने परिसर से दो किलोमीटर दूर चालीस पीर कब्रस्तान में नमाज के लिए जगह देने का फैसला किया जिस पर रार हुई और मुस्लिम समाज ने स्थानीय प्रशासन का फैसला नामंजूर कर दिया उसके बाद प्रशासन ने फिर पहल करते हुए इस स्थान से कुछ दूरी पर शराब डिसलरी गोडाउन में जगह देने का फैसला किया जिस पर मुस्लिम पक्ष ने इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना माना और एक एप्लिकेशन सुप्रीम कोर्ट में फाइल की जिस पर मुस्लिम पक्ष के सीनियर एडवोकेट हुजैफा अहमदी ने सुप्रीम कोर्ट में दमदारी से अपना पक्ष रखा और चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को धार्मिक अधिकारों के पालन करवाने की ताकीद की ओर अदालत में पेश नक्शे के आधर पर इमारत के नजदीक सर्वे नम्बर 594 से लेकर 611 तक उपयुक्त जमीन पर जुमे की नमाज की इजाजत दे दी प्रशासन ने मुस्लिम पक्ष से सहमति भी बना ली लेकिन इस मामले को लेकर फिर पेच फंस गया और स्थानीय रहवासियों ने सरकारी जमीन को अपनी निजी बताते हुए नमाज का विरोध कर दिया और मामला एक बार फिर गर्मा गया। महिला पुरुषों ने मीडिया में शहर की शांति भंग करने तक की धमकी दे डाली उसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए 900 से ज्यादा का पुलिस बल और एसटीएफ की कंपनी तैनात कर सभी को अच्छी तरह से समझा दिया।

जैसे ही दोपहर के एक बजे मुस्लिम पक्ष बड़ी संख्या नमाज के लिए निर्धारित जगह पहुच गया और वहाँ बरसाती जानमाज ओर मिंबर तैयार किया गया इस बीच भारी बारिश शुरू हो गई और बारिश के बीच खुतबा ओर नमाज पूरी शांति और सौहार्द के साथ पूरी हुई।मुस्लिम पक्षकार मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश सर्वोपरि है सुप्रीम कोर्ट ने कमाल मौला मस्जिद से सटी जगह सर्वे नंबर 611 612 596 पर नमाज की व्यवस्था के निर्देश दिए थे किसी की आस्था को ठेस न पहुंचे और शांति बनी रहे इसलिए समाज ने मुख्य सर्वे नंबर 611 के बजाय 612 पर प्रशासन को सहयोग देते हुए नमाज अदा की उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लीगल टीम और जनप्रतिनिधियों सहित मुस्लिम समाज के वरिष्ठजनों का आभार जताते हुए कहा कि देश और कानून व्यवस्था हमेशा सर्वोपरि है अब्दुल समद ने कहा कि आज प्रशासन की व्यवस्थाएं टेंपरेरी और जल्दबाजी की थी अगले शुक्रवार हम प्रशासन से और बेहतर व्यवस्थाएं करने का निवेदन करेंगे।
जुमे की नमाज को शांति पूर्ण पूरी करवाने में धार के कलेक्टर रजीव रंजन मीना एसपी सचिन शर्मा एडीएम संजीव पांडे एएसपी विजय डावर एएसपी पारुल बेलापुरकर सीएसपी शशांक सिंह गुर्जर डीएसपी मोनिका सिंह एसडीएम राजकुमार हलदर तहसीलदार दिनेश कुमार उइके सीएमओ विश्वनाथ सिंह रिजर्व इंस्पेक्टर पुरषोत्तम बिश्नोई सहित धार के सभी थानों के टीआई स्थानीय मीडिया पुलिस कर्मियों ने पूरी मेहनत की ओर बिना शांति और कानून व्यवस्था बिगड़े नमाज पूरी हुई।
अब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई 05 अगस्त तय हुई है जिसके बाद आगे की तस्वीर भी साफ हो जाएगी
