MadhyaPradesh News Track
मध्यप्रदेश

मेडिकल दुकानों पर बच्चे बेच रहे दवाई,कई दूकानों के लाइसेंस नियम विरुद्ध किये जारी

धार(स्टेट हेड अमरदीप सोलंकी)

धार शहर को जिले का मुख्यालय कहा जाता है साथ ही सभी विभागों के मुख्य कार्यालय शहर मे हि स्थित है वही जिले का एक ऐसा विभाग है जिसका सीधा सम्बंध आम ओर खास लोगो के जीवन से जुड़ा हुआ है जी हाँ हम बात कर रहे है ओषधि विभाग की कहा जाता है पहला सुख स्वस्थ काया है परन्तु जिला ओषधि विभाग के कर्ताधर्ता अशोक गोयल ने तो जैसे पूरे जिले का स्वास्थ बिगाड़ने का जैसे मन बना रखा है।

ज्ञात हो कि जिले के प्रभारी मंत्री डॉ.प्रभुराम प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी है वही नियम कायदों के पक्के जिले के मुख्या यानी कलेक्टर डॉ. पंकज जैन खुद एक बेहरतीन डॉक्टर है ओर स्वास्थ्य से जुड़ी तमाम बारीकियो से भली भांति परिचित हैं ये बात जानते हुए भी ड्रग इंस्पेक्टर गोयल अपने काम के प्रति गंभीर लापरवाही बरत रहे हैं।
विगत दिवस मध्यप्रदेश न्यूज़ ट्रेक की टिम ने जब ग्राउंड जीरो पर शहर के अलग अलग क्षेत्रो में ओषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले मेडिकल केमिस्ट की दुकानों पर जा कर ये जानने की कोशिश करी की उक्त दुकानों का संचालन नियमो के अनुसार हो रहा है या नहीं लेकिन टीमें ये देख कर खुद हैरान रह गई की शहर की मात्र कुछ दुकानों को छोड़ कर अधिकतर दुकाने नियमों को धाता बता रही।
खास बात कई दुकानों पर नाबालिग बच्चे मरीजों के परिजनों को दवाईया देते नजर आ रहे थे वही इनमे से कुछ बच्चो की उम्र तो महज 9,10 वर्ष हि लग रही थी एवं जिस व्यक्ति के नाम से दुकान का लाइसेंस था उसके तो कही अते पते हि नहीं थे वही जब इस बारे मे ओर जानकारी ली गई तो पता चला की उक्त गोरख धंधा एक नहीं कई दुकानों पर चल रहा है।
जिस व्यक्ति को संबंधित विभाग ने लाइसेंस दिया है वह व्यक्ति अपना लाइसेंस दूसरे व्यक्ति को किराये पर दे देता है वही उसके बदले अच्छी खासी रकम महीने के हिसाब से वसूलता है वही किराये पर लाइसेंस लेने वाला व्यक्ति अपने पैसे बचाने के चक्कर मे उक्त नाबालिक बच्चो को अपने दुकान पर रख लेता है आपको बता दें उक्त गोरख धांधा तब हो रहा है जब धार कलेक्टर डॉ.पंकज जैन जिनके सख्त मिजाजी के किस्से जिले से लेकर प्रदेश मे आम है ओर तो ओर साहब खुद डाक्टर है वही सोने पर सुहागा यह है की जिले के प्रभारी मंत्री प्रभुराम चौधरी के पास स्वास्थ मंत्रालय है।
मध्यप्रदेश गजब है सब से अलग है की तर्ज पर यहा भी यही चल रहा है आमजानो के स्वास्थ से जुड़े उक्त अति महत्वपूर्ण विभाग पर इन दो महान हस्तियों के होते हुए भी कोई ध्यान नही दिया जा रहा हैं।

ओषधि विभाग ने नही की कोई कार्यवाही न चलाई मुहिम-

वर्षो से जमे गोयल साहब द्वारा नियम विरुद्ध चल रही दवा दुकानो पर छापेमार कार्यवाही की खबर भी आज तक देखने को नहीं मिली है।
आये दिन हम समाचार पत्रों मे पड़ते है की फला विभाग द्वरा मुहिम चला कर अवैध पाए जाने पर फला फला लोगो के चलान बनाये, अवैध गतिविधि मे लिप्त पाये जाने पर संबंधित पर करवाई हुई परन्तु आज तक ओषधि विभाग की करवाई क्या हुई कैसे हुई कब हुई यह पता हि नहीं चलता,जिले मे सब चंगा सी की तर्ज पर कार्य हो रहा है वही सूत्रों मे अनुसार नियम विरुद्ध केमिस्ट दुकानों के संचालकों द्वारा ओषधि विभाग का अच्छा खासा शुभ लाभ का गणित किया जाता है वही इस विभाग के जिम्मेदार साहब के कई सत्ता पक्ष और विपक्ष के खादी धारियों सहित शहर के कई गणमान्य नागरिकों से मधुर संबंध है।

दवाई की दुकान चलाने के लिए यह हैं नियम-

शासन द्वारा जिवन रक्षक दवाइयो की दुकान संचालन करने के लिए कुछ कड़े नियम बानाए गये हैं जिस्मे उक्त संचालक को विज्ञान से बारवीं करने के बाद ग्रेजुएशन में B फार्मा या उसके समक्क्ष कोर्स करना पड़ता से जिस्मे 1 वर्ष पड़ाई करने के बाद उक्त कोर्स की परीक्षा पास करना होती हैं तब कही जाकर दुकान का संचालन किया जा सकता हैं
नियम के अनुसार मेडिकल स्टोर खोलने के लिए जिसके नाम पर ड्रग लाइसेंस जारी किया गया हो उसका दुकान पर होना जरुरी है। अगर वो व्यक्ति दुकान पर मौजूद नहीं होगा तो कभी भी ड्रग इंस्पेक्शन की तरफ से उसका लाइसेंस रद्द हो सकता है साथ ही आम बीमारियों में काम आने वाली दवाइयों को अमूमन 25 से 30 डिग्री के तापमान पर रखा जाना चाहिये लेकिन कई दुकानें पर दवाई अलमारी ओर रेको पर 40 डिग्री से अधिक पर रखी जा रही है।

चाय-पान की दुकानों की तरह खुल गई दवाई की दुकानें-

शहर में हर तरफ चाय पान की दुकानों की तरह दवाई की दुकाने खुल गई है कई जगह गुमटियों में भी दवाई की दुकाने देखी गई है वही शहर की अधिकांश दवा दुकानो पर ग्राहकों को बिल नही दिया जा रहा है व कई जगह दवाई खरीदी बिक्री का रिकॉर्ड भी नहीं रखा जा रहा है।
वही दवा फार्मेसी के सिद्धांत और मानकों के अनुसार रख रखाव भी नहीं किया जा रहा है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार-

इस संबंध जब ड्रग इंस्पेक्टर अशोक गोयल से चर्चा करनी चाही तो अति व्यस्ता के चलते हमेशा की तरह उनके द्वारा फोन नही उठाया गया।

अब भोज नगरी के वासियों को बेसब्री से इन्तेजार के की कब उनकी किस्मत खुलेगी ओर उन्हें ड्रग इंस्पेक्टर अशोक गोयल द्वारा दवा माफियाओं पर कड़ी कार्यवाही की खबर मिलेगी।

Related posts

बारीश से फसलें हुई बर्बाद, विधायक ने की मुआवजे की मांग

madhyapradeshnewstrack

होली की ड्यूटी में लगे पुलिस अधिकारियों को काजी बाबा ट्रस्ट ने करवाया जलपान छाव में लगवाई कुर्सियां आइसक्रीम भी खिलवाई

madhyapradeshnewstrack

खबर का असर- बच्चों से चरण चाकरी करवाने वाली ट्रेनिंग सेंटर प्रभारी निलंबित

madhyapradeshnewstrack

डॉ.अंबेडकर जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार-महू लोकसभा क्षेत्र को दी नई ट्रेन की सौगात

madhyapradeshnewstrack

गाड़ी रोक कर सुनी कलेक्टर ने छात्रों की गुहार

madhyapradeshnewstrack

वाह ठाकरे साहब आपने तो कमाल कर दिया धार पुलिस का सर फख्र से उचा हो गया है

madhyapradeshnewstrack

Leave a Comment