किसके सर सजेगा उम्मीदों का ताज किसके टूटेंगे चुनावी घुंघरू…
भोपाल-धार(अमरदीप सोलंकी/विक्की सैयद)
जिले की हाई प्रोफाइल धार विधानसभा क्षेत्र से भाजपा व कांग्रेस दोनों ही दलों के उम्मीदवारों की कतार लंबी हो चली है। हम इस खबर के माध्यम से सभी उम्मीदवारों का विश्लेषण कर रहे हैं यह सर्वे धार विधानसभा के हर एक तबके के लोगो से उनकी राय जानकर प्रस्तुत किया जा रहा है।
जहाँ एक ओर प्रदेश में कांग्रेस पार्टी बदलाव की बात कर रही है वही दूसरी ओर सत्तासीन भाजपा अपनी जनहितेषी योजनाओं की बदौलत फिर से सत्ता बचाने का दम भर रही है।वही प्रदेश की सबसे चर्चित धार विधानसभा क्षेत्र में दोनो ही दल के दावेदारों की लंबी कतार देखने को मिल रही है।
कांग्रेस जहाँ कुछ नया करने का सोच रही है तो भाजपा में भी कुछ ऐसी ही संभावनाएं तलाशी जा रही है।
सत्ता पक्ष से जहाँ नीना विक्रम वर्मा को टिकिट मिलने का पूरा विश्वास है वही करण सिंह पंवार दिलीप पाटोदिया नवनीत जैन विश्वास पांडे नीलेश भारती व पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव यादव इन सभी लोगो ने भाजपा की ओर से उम्मीदवारी के घुंघरू बांध लिए है।

वहीं संघ व संगठन को पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर के लिए भी भोजनगरी में कुछ संभावनाएं दिखाई दे रही है।
वही कांग्रेस की बात करें तो मनोज गोतम कुलदीप सिंह बुंदेला प्रभा गौतम विजेता त्रिवेदी शुभंगाना राजे पंवार धीरज दीक्षित हितेश ठाकुर राजेश पटेल प्रदेश नेतृत्व के सामने अपनी दावेदारी जता चुके हैं।
वैसे देखा जाए तो भाजपा में सब कुछ ठीक रहा और पूर्व मंत्री विक्रम वर्मा की चली तो सिटिंग विधायक नीना वर्मा एक बार फिर मैदान में उतर सकती है वही कांग्रेस मनोज गौतम या कुलदीप सिंह बुंदेला में से किसी एक पर भरोसा कर सकती है।

आइये जानते है दोनो दलों के उम्मीदवारों का क्रमवार चुनावी विश्लेषण-
नीना विक्रम वर्मा-
प्लस पॉइंट- पन्द्रह सालो से सक्रिय, बेदाग छवि, विकास के मामलों में भी आगे, बड़ी टीम, विक्रम वर्मा को राजनीति का खासा अनुभव दिल्ली भोपाल में मजबूत स्थिति।
माईनस पॉइंट-पार्टी में अंदरूनी विरोध,गुटबाजी, टिकिट मिलने पर भितरघात की संभावना, कांग्रेस के चुनिंदा नेताओं से मिलने वाले समर्थन की इस बार संभावना नहीं, पीथमपुर में पार्टी की गुटबाजी से नुकसान।
करण सिंह पंवार- अच्छा खासा अनुभव पढ़े लिखे स्वच्छ छवि।
नेगेटिव-सिंधिया का समर्थन नही, हाईप्रोफाइल छवि, सक्रियता की कमी, टीम का दायरा मजबूत नही, जमीनी पकड़ न के बराबर।
दिलीप पाटोदिया- साफ छवि पढ़े लिखे बेदाग, मिलनसार, संगठन चलाने व चुनावी मैनेजमेंट का खासा अनुभव।
नेगेटिव-टीम वर्क में फेल, बड़े नेताओं का साथ नही सक्रियता की कमी।
नवनीत जैन बल्लू- युवा चेहरा प्रसिद्ध समाजसेवी वकील, साफ छवि एबीवीपी से लेकर युवा मोर्चा तक विभिन्न पदों पर रहे संघ में भी अच्छी पकड़।
नेगेटिव-लोकप्रियता धार तक सीमित, पार्टी के एक बड़े नेता विरोध में,कई भूमाफियाओ को जेल की सलाखें दिखाने से नेताओं की आंखों की किरकिरी बड़ी टीम की कमी।
विश्वास पांडे- युवा चेहरा समाजसेवा में अग्रणी, हमेशा लोगों की मदद को तैयार,हर समाज हर वर्ग में पैठ युवाओं की लंबी टीम संघ की भी पसंद।
नेगेटिव-पीथमपुर में कमजोर,विजयवर्गीय मेंदोला के अलावा बड़े नेताओं का साथ नही।
नीलेश भारती- संघ से जुड़े, पूर्व में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष सहित पार्टी के विभिन्न पदों पर रहे युवा चेहरा साफ छवि।
नेगेटिव-जमीनी पकड़ कमजोर बड़े नेताओं तक पहुँच नही।
राजीव यादव-
युवा चेहरा मजबूत टीम, हिंदूवादी छवि लगातार सक्रिय देशभक्ति के कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में पैठ, जिला अध्यक्ष रहते खुद की मजबूत टीम बनाई।
नेगेटिव-पार्टी में गुटबाजी पैदा करने व अवैध कारोबारियों को सरंक्षण देने के लगातार आरोप, भोपाल में पकड़ मजबूत लेकिन दिल्ली में कमजोर, वीडी शर्मा को छोड़ शीर्ष नेतृत्व को नापसंद।
आपको बताते चलें कि अगर धार की इस सामान्य सीट पर उम्मीदवारों को लेकर विवाद बढ़ता है तो संगठन हिंदूवादी छवि की नेता उषा ठाकुर को मैदान में उतारने की सोंच सकता है लेकिन इसकी संभावना काफी कम नजर आ रही है।
बात करते हैं कांग्रेस के उम्मीदवारों की-
मनोज गौतम-
कई सालों से लगातार सक्रिय, मिलनसार,सहज उपलब्ध, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहते विकास के कामों को बढ़ाया, सुख दुख में तुरंत जनता के बीच पहुचने वाले समाजसेवा में अग्रणी जननेता, मजबूत टीम।
नेगेटिव-एक मामले सजा होने के बाद विपरीत असर,कांग्रेस की आपसी गुटबाजी से नुकसान, सजा स्थगन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका।
कुलदीप सिंह बुंदेला-
मोहन सिंह बुंदेला की पुरानी टीम व जमीनी पकड़ का लाभ,पूरी विधानसभा में जाना पहचाना नाम कमलनाथ से बेहतर संबंध।
नेगेटिव-गत पंद्रह साल से अंदरूनी तोर पर भाजपा का साथ देने के आरोप,कई समाजो में विरोध,पार्टी का वोट बैंक कहे जाने वाले समाज के ऐसे लोग साथ जिनका समाज मे भारी विरोध।
प्रभा गौतम- बालमुकुंद गौतम मनोज गौतम की लंबी टीम काम करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं की फ़ौज पिछले चुनावों का अनुभव पीथमपुर में कांग्रेस परिषद का लाभ ।
नेगेटिव-सक्रियता की कमी,गुटबाजी भितरघात से भारी नुकसान।
विजेता त्रिवेदी- नया चेहरा, शिक्षित, पारिवारिक तोर पर मजबूत पृष्ठभूमि, सभी गुटों से सामंजस्य, बड़े नेताओं में मजबूत पकड़।
नेगेटिव-जमीन से ज्यादा सोश्यल मीडिया पर सक्रियता, जमीनी कार्यकर्ताओं का टोटा, पीथमपुर में पहचान की कमी।
शुभंगाना राजे पंवार- नया चेहरा, राजपरिवार से जुड़ाव, समाजसेवा में प्रभाव, हाई एज्युकेशन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में पकड़।
नेगेटिव-राजपरिवार का आपसी झगड़ा,जाती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं, कार्यकर्ताओं की कमी, राजनीतिक नजरिये से अनुभव की कमी, कांग्रेस के गुट विशेष का धप्पा।
धीरज दीक्षित-प्रसिद्ध वकील, पहचान किसी की मोहताज नहीं,सहज सरल मिलनसार, दूरदर्शी सोंच, लंबा राजनीति अनुभव।
नेगेटिव-कभी सक्रिय कभी निष्क्रिय, तगड़ा टीम मैनेजमेंट नही, स्पष्टवादी जिस कारण कई लोगों को नापसंद।
हितेश ठाकुर- लंबा राजनीतिक सफर सेवादल में बिताया, अधिवक्ता परिषद के पूर्व अध्यक्ष लंबे समय से कमलनाथ से जुड़े।
सुरेश पचौरी सज्जन सिंह वर्मा तक दायरा सीमित,अब तक कोई चुनाव नही लड़ा, सक्रियता की कमी पहचान की कमी,मुट्ठी भर समर्थकों को छोड़ बड़ी टीम नही।
विधानसभा में काफी कमजोर स्थिति।
राजेश पटेल- गौतम ग्रुप के खास सिपहसालार, आर्थिक रूप से भी मजबूत।
नेगेटिव-ग्रामीण क्षेत्र से आए, पहचान की कमी,सर्वमान्य नही,कोई विशेष उपलब्धि नही गौतम के दम पर राजनीतिक पहचान,गुट विशेष के साथ ही अपने ही लोगों को नापसंद।
