राणापुर मुस्लिम पंच सदर सलमान निजामी के मार्गदर्शन में मुस्लिम समाज ने ईद की नमाज अदा की
(झाबुआ@मुजफ्फर शेख/आरिफ खान)
राणापुर सहित पूरे झाबुआ जिले में शनिवार को मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अजहा बकरा ईद का पर्व पूरे उत्साह व श्रद्धा ओर सादगी के साथ मनाया।
राणापुर मुस्लिम पंच सदर सलमान निजामी के मार्गदर्शन में मुस्लिम समाजजन सुबह 7:30 बजे जामा मस्जिद पर जमा होकर मुफ्ती हाफिज गुलाम साबिर साहब हाफिज निजामुद्दीन वारसी साहब के साथ ईद की नमाज़ अदा करने ईदगाह के लिए रवाना हुवे जिसमें बच्चे बुजुर्ग व युवा शामिल रहे।

ईदगाह पहुंच कर मुफ्ती गुलाम साबिर साहब ने ईद उल अजहा पर होने वाली कुर्बानी का महत्व बताया ओर ईद की नमाज़ अदा कर देश प्रदेश व नगर में अमन चैन सौहार्द की दुआ कर राणापुर नगर एवं देश वासियों को बधाई संदेश दिया।
ईद उल अजहा पर्व इस्लामिक कैलेंडर के 12वें महीने जुल हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाया जाता है यह त्योहार पैगंबर हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की अल्लाह के प्रति अटूट आस्था और बलिदान की भावना का प्रतीक है बकरा ईद न केवल एक मुस्लिम पर्व है बल्कि यह सामाजिक समरसता करुणा और मानव सेवा का प्रतीक भी है देशभर में इस दिन को सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना के साथ मनाने की तैयारियां जोरों थी।
इस दिन मुस्लिम समुदाय सुबह विशेष नमाज अदा करता है जिसे ईद की नमाज़ कहा जाता है इसके बाद कुर्बानी दी जाती है जो आम तौर पर बकरे दुम्बे भेड़ या ऊंट की होती है कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है एक हिस्सा परिवार दूसरा रिश्तेदारों के लिए, और तीसरा गरीबों व जरूरतमंदों के लिए यह वितरण इस पर्व के मूल संदेश सेवा त्याग और समानता को दर्शाता है।
नमाज के बाद सभी समाजजनों ने गले मिलकर एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।
