धार@प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर मांडव नालछा की वादियों में चल रही चुनावी बयार के बीच मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से तहसीलदार सुरेश नागर द्वारा लिखी खूबसूरत कविता काफी पसंद की जा रही है।
चुनावी चकलस से ज्यादा तहसीलदार सुरेश नागर की कविता के चर्चे क्षेत्र में सुनाई दे रहे है युवाओं द्वारा कविता को सोश्यल मीडिया पर भी जमकर वायरल किया जा रहा है।
जनता को जागरूक करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमेशा कुछ न कुछ बेहतरीन लिखने वाले नालछा के तहसीलदार एवं मांडव नगर परिषद चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी सुरेश नागर द्वारा मतदान को बढ़ावा देने के लिये लिखी गई ये लाइनें-
उठो जागो चलो चलें मतदान करें,सबसे पहले यही पावन काम करें।
नई सुबह नई रोशनी का आह्वान करें,उठो चलो चलें मतदान करें,
काका काकी दादा दादी भैय्या भाभी सब मिलकर एक साथ चले।
नहीं है बढ़कर काम कोई दूजा मन में यह विचार करें,उठो चलो चले मतदान करें।
त्योहार लोकतंत्र का उत्सव उत्साह उमंग से,हर उंगली पर निशान बने उठो चलो चले मतदान करें।
अधिकार हमारा मत का दान,फिर इससे क्यों अनजान बने
न हो वंचित कोई भी इससे,कहे “नागर” अमिट स्याही ही उंगली की शान बने।
उठो चलो चले मतदान करें।
आदिवासी बहुल इलाकों सहित जिले भर में काफी पसंद की जा रही है साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का उत्साह बड़ा रही है।
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