धार।(स्टेट हेड अमरदीप सोलंकी✍️)
जुआ सट्टा ओर शराब समाज के लिये किसी अभिशाप से कम नही है इसमें लिप्त व्यक्ति लगातार इस दलदल में धंसता चला जाता है कम समय मे ज्यादा पैसा कमाने के लालच में व्यक्ति अपने घर -परिवार को बर्बाद कर बैठता है।
जी हाँ हम बात कर रहे है धार के तिरला की जहाँ नेता नगरी के समर्थन से बेखौफ तितली भंवरे ओर सट्टे का खेल बदस्तूर जारी है कांग्रेस पार्टी से जुड़ी काका भतीजे की जोड़ी अपने अनाज गोदाम से इस काले खेल को अंजाम दे रही है जिससे तिरला क्षेत्र के युवा और आसपास के ग्रामीण अपनी मेहनत की कमाई दांव पर लगा बर्बादी ओर अपराध की तरफ जा रहे है।

पहले से ही तिरला क्षेत्र अवैध गोरख धंधों के लिये मशहूर है या यूं कहें कि बदनाम है गैस टैंकरों से अवैध रूप से गैस रिफलिंग करते समय आग लगना ओर जंगलों में अवैध शराब बनाना या अपराधियों का पुलिस टीमो पर हमला करना पूरे प्रदेश में क्षेत्र को पहचान दिला चुका है।
अब क्षेत्र खुलेआम चल रहे तितली भवरे के भंवर को लेकर चर्चा में है तितली भवरे का खेल खेलने वालों की महफिल ऐसी सजती है कि जैसे कोई सब्जी मंडी लगी हो दाव-पेंच लगाने वालों की भीड़ देख कर आमजन कुछ देर के लिये रुक जाते है कि क्या मामला हुआ है लेकिन जब अवैध तितली भंवरे का खेल चलने की जानकारी मिलती है तो अपनी जान छुड़ा यहाँ से निकल जाते है एवं क्षेत्र में खुलेआम चल रहे अवैध कार्य पर आश्चर्य भी व्यक्त करते है।
कोन बर्बाद कर रहा है युवाओं का भविष्य-
बताया जाता है कि क्षेत्र के ही कांग्रेस से जुड़े काका भतीजे इस गोरख धंधे को बरसो से चला रहे है पहले ये इस खेल को दबे छुपे चलाते थे लेकिन अब साठगांठ ओर राजनीतिक और पैसे के बल पर इनके हौंसले बुलंद हैं और ये खुलेआम अपने अनाज के गोदाम में इस अवैध काम को कर रहे है साथ ही कम समय मे ये करोड़पति बन गए है सूत्रों के अनुसार दाव-पेंच में रुपए हारने वालो को ये काका भतीजे ऊची दरों पर ब्याज से पैसा भी देते हैं और फिर शुरु होता है कई घरों को बर्बाद करने का खेल ओर खास बात यहाँ कई बुजुर्ग भी इस खेल को खेलते नजर आते हैं।

क्या है तितली भँवरे का जाल-
दरअसल तितली भंवरे का जाल असल मे सट्टे का ही रूप है एक बड़े कलर प्रिंटेड कागज पर तितली,भंवरा,दीपक,कबूतर,लट्टू ओर अन्य चीजों के चित्र रहते है जिस पर दाव खेलने वाले पैसा लगते हैं और खाईवाल एक चिठ्ठी निकालता है जो चित्र निकलता है उसे लगाए गए पेसो का दस गुना दिया जाता है हालांकि ऐसा होता नहीं है कि सभी को दस गुना पैसा मिले किस्मत से किसी एक को ही पैसा मिलता है और कई बार तो वो खाईवाल का आदमी ही रहता है।
