झाबुआ।(मुजफ्फर शेख)
आदिवासी बाहुल्य झाबुआ जिले में आदिवासियों को समाज मे फैली बुराईयों से बचाने के लिए पुलिस कप्तान पद्मविलोचन शुक्ल ने विशेष अभियान डी-3 चलाया है जिसके तहत आदिवासी समुदाय को दहेज न लेना दारू(शराब) का सेवन न करना और डीजे का उपयोग न करने जैसी सामाजिक कुरूतियों से बचाने का बीड़ा उठाया है।

लेकिन कुछ लोग उनके इस अभियान में रोड़ा बन समाज को भड़काने का काम कर रहे थे जिन्हें पुलिस ने सबक सिखाया है।
एसपी शुक्ल ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को डी-03 अभियान को लेकर आमजनों को जागरुक करने के निर्देश दिये है।
निर्देशों के चलते एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे झाबुआ एसडीओपी रुपरेखा यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राणापुर दिनेश रावत की पुलिस टीम द्वारा वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
निर्देशो के परिपेक्ष्य में डी-3 शादीयों में दहेज ना लेना डीजे ना बजाना शादीयों में दारु का उपयोग ना करना अभियान का प्रचार प्रसार किया गया अभियान के माध्यम से आदिवासी ग्रामिणों में शादीयो में अनावश्यक दहेज दापे के 04 से 05 लाख रुपये डीजें बजाने में 60-70 हजार रुपये व दारु के सेवन में फिजुल खर्चा होता है एवं शादीयो के खर्चो की पुर्ति करने के लिये गुजरात मजदुरी के लिए पलायन करते है वही रुपये पेसों की भरपाई करने में कुछ वर्षो तक गुजरात रह कर मजदुरी करते है इस प्रकार की कुप्रथा को बंद करने के लिये डी-03 अभियान चलाया गया है।
लेकिन अभियान को लेकर कुछ शरारती तत्वो द्वारा विडीयों बनाया गया जिसमें दर्शित व्यक्ति द्वारा कहा गया की मै लड़की लेकर भाग कर शादी की जिसमें दहेज दिया है दारु भी पिलाई एवं डीजे भी बजाउंगा इस प्रकार आमजन ग्रामिणों को भ्रमित कर अभियान को विफल करने की कोशिश की गई है जिस पर पुलिस ने शैलेष उर्फ बाबु पिता नाहर सिंह परमार उम्र 18 साल निवासी कंजावानी गांव तडवी नेहरु उर्फ पांगा परमार उम्र 42 साल निवासी कंजावानी मिर्चा के द्वारा विडीयो वायरल से आमजनो में द्वेष फैला है एवं लोकशांति भंग हो रही है ।पुलिस चौकी कंजावानी द्वारा अनावेदको के विरुध्द परिशांति कायम रखने के लिये प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई है।
