धार/अविनाश डावर (धार ज़िला ब्यूरो)
पूर्व खेल एवं युवक कल्याण मंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता विक्रम वर्मा द्वारा अपने कार्यकाल में जिले के खिलाड़ियों को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलवाने एवं जिले में छुपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिले को बड़ी सौगात देते हुए साई ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना करवाई थी।
जहाँ पर देश के होनहार खिलाडी अपने अथक परिश्रम और मेहनत से देश के लिए खेलने का जज्बा लेकर कुछ सीखने की ललक लिए यहां आते हैं लेकिन कहावत है जब सइया भये कोतवाल तो डर काहे का इसी बात को चरितार्थ कर रहे साई सेंटर के अधिकारी जिन पर इन नोनिहाल खिलाड़ियों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी है परंतु ये अधिकारी मासूम बच्चो के भविष्य बिगाड़ने का डर बता कर हाथ पाव दबवा देश के प्रतिभावान खिलाड़ियों से सेवा चाकरी करवा रहे हे ऐसा ही एक वीडियो हाल ही में सामने आया है जिसके कारण साई ट्रेनिक सेंटर और खेल गतिविधियो से जुड़े संगठनों में रोष व्याप्त हो गया हैं।

वही आला अधिकारी जांच पड़ताल की बात कह कर मामले में लीपा पोती करने का प्रयास कर रहे हे।
वायरल हो रहे वीडियो में साफ तोर पर दिखाई और सुनाई दे रहा है की दिन भर की प्रेक्टिस से थके मासूम बच्चे आराम करना चाहते हे लेकिन सरकारी कुर्सी के रूबाब में चूर हुई साईं सेंटर प्रभारी शर्मिला तेजावत किस प्रकार थके हुवे मासूम और नाबालिक बच्चो से हाथ पैर दबा रही ही यही नही जब पूर्व में भी कुछ खिलाड़ियों के परिजनों ने इस संबद्ध में शिकायत करना चाही तो तो मैडम का पारा सातवें आसमान पर जा पहुँचा था।
बताया जाता है कि पुरे सेंटर स्टाफ को मैडम अपनी बड़े लोगो से जान पहचान की धौंस जमाते हुवे दिखाई देती है ज्ञात हे की जिस प्रकार साई ट्रेनिंग सेंटर को धार के राज नेता अपने अधक प्रयासों से धार में लेकर आए थे और देश के नामी खिलाड़ी कपिल देव एवं पीटी उषा सहित अन्य कई महान खिलाड़ियों ने इस सेंटर की नीव रखी थी अब वो ही राजनेता खिलाड़ियों के साथ हो रहे ऐसे अमानवीय व्यवहार पर ना जाने क्यों नजरंदाज कर चुप्पी साधे हुए हैं।
जबकि साईं ट्रेनिंग सेंटर की अव्यवस्थाओ की जानकारी सत्ता पक्ष एवं विपक्ष सभी को है।
धार जैसे आदिवासी अंचल से बैडमिंटन तीरंदाजी कराते सहित अन्य खेलो में अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खिलाड़ियों ने अपने खेल का परचम लहरा कर देश के लिए कई पुरस्कार अर्जित किए लेकिन साई ट्रेनिक सेंटर के वर्तमान हालातो को देख कर यही प्रतीत होता हे की अब यहां के होनहार खिलाडीयों से मैडम द्वारा जबरन करवाई जा रही चरण सेवा के कारण या तो खेल गगतिविधि से मुंह मोड़ लेगे या फिर सेवा ना करने वाले बच्चो का भविष्य मैडम बिगाड़ देगी।
मध्यप्रदेश न्यूज़ ट्रेक टीम के पास बच्चो से पाव दबाते सेवा करवाते हुए अनेक वीडियो और अनेक साक्ष्य उपलब्ध है।खिलाड़ियों के परिजनों ने पहचान न उजागार करने की शर्त पर अपनी व्यथा बताई हे लेकिन मैडम के भय से ना तो खिलाड़ी मुखर होकर कुछ बोल पा रहे हे न ही परिजन, सच की पीड़ा सुनने वाला कोई दिखाई नही देता है यही कारण है कि अधिकारी बेखौफ बेलगाम होकर बच्चो से बंधुआ मजदूरों की तरह अपनी सेवा चाकरी करवाते देखी जा रही हे।
