भोपाल/धार (अमरदीप सोलंकी-विक्की सैयद)
जानलेवा चायनीज मांझे की चपेट में आने से लगातार चार दिन से लोग घायल हो रहे हैं वही आज धार में एक बड़ा हादसा हो गया जिसमें अपने पिता के साथ बाइक पर जा रहे एक 06 साल के मासूम की चायनीज डोर से गला कटने से दर्दनाक मौत हो गई।

शहर के हटवाड़ा में अभी कुछ घंटों पहले लुनियापुरा निवासी 06 साल के बालक तनिष्क चौहान की चायना डोर की चपेट में आने से मौत हो गई बच्चा अपने पिता के साथ बाइक पर आगे बैठ घूमने निकला था तभी हटवाड़ा में बच्चे के गले मे चाइनीज मांझा उलझ गया जिससे तनिष्क का गला कट गया और खून बहने लगा जिसमे भी ये मंजर देखा वो सिहर उठा परिजन तुरंत बच्चे को निजी अस्पताल लेकर पहुँचे लेकिन बच्चे की मौत हो गई जहाँ से उसे सरकारी अस्पताल भेजा गया।
आपको बता दें धार शहर में चार दिन से लगातार चाइना डोर की चपेट में आने से लोग गंभीर घायल हो रहे हैं परसो सब्जी मंडी में काम करने वाले अनिल अपनी बाइक से मंडी आ रहे थे तभी दशहरा मैदान के समीप अचानक उनके गले मे चायनीज मांझा आ गया गाड़ी की स्पीड कम होने व गले मे शाल लिपटी होने से उन्होंने अपना हाथ आगे कर दिया जिससे उनकी उंगलिया कट गई जिसमें काफी चोट आई है गनीमत रही कि अनिल के गले मे शॉल थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था इसी प्रकार गुणवाद निवासी बुजुर्ग तोलाराम अपनी पत्नी के साथ बाइक से दूसरे गाँव जा रहे थे तभी दिगठान के पास अचानक गला रेतु चाइनीज डोर में उलझ गए जिससे उन्हें कान से लेकर गले तक भयानक कट गया जिसमें बीस से अधिक टाँके लगाना पड़े बुजुर्ग तोलाराम की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इसी तरह शहर के दशहरा मैदान इलाके में एक चार साल का मासूम भी मौत के मांझे की चपेट में आ गया जिससे उसका गाल कट गया और उसे तकरीबन दस टाँके लगाना पड़े इसके अलावा भी कई लोग चपेट में आए होंगे जिनकी जानकारी अब तक सामने नही आई है।
अब सवाल उठता है कि शासन प्रशासन क्या कर रहा है दिखावे की कार्यवाही ओर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर देने से क्या लोगो के गले कटना रुक जाएंगे। एसडीएम सहित अन्य अधिकारी कुछ पतंग व डोर की दुकानों पर कार्यवाही के लिए पहुचे थे लेकिन छापे की खबर उनसे पहले मोत के सौदागरों के पास पहुँच गई और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ कुछ न लगा।
एक बड़े प्रशासनिक अफसर का कहना था कि अगर कोई चायनीज डोर बेचते पाया गया तो उसका चालान काटेंगे लेकिन साहब क्या चालान काट देने से गले कटना बंद हो जाएंगे यह सवाल शहर के लोगों को झकझोर रहा है।
लगातार हादसों के बाद कल रात तक चायनीज मांझा बेधड़क ओर बेखोफ बिकता रहा और प्रशासन नाम मात्र की या यूं कहें दिखावे की कार्यवाही कर कुंभकर्णी नींद में सो गया प्रशासन की ढील पोल से आज किसी के घर का चराग बुझ गया और आने वाले दिनों में ओर किस किस के गले कटेंगे कहा नही जा सकता।
