या हुसैन के नारों से गुंजा नगर देर रात विर्सजित किए गए ताजिए
झाबुआ/राणापुर(मुजफ्फर शेख)
झाबुआ सहित जिले भर में मोहर्रम का पूर्व शांति पूर्वक संपन्न हुआ इस दौरान जगह जगह ताजियों के जुलूस निकाले गए वही सभी धर्मों के लोगों ने मान मन्नत भी उतारी।

इधर राणापुर कस्बे में मुस्लिम समाज द्वारा दस रोजा शहादत नामा का प्रोग्राम हुसैनी चौक पर रखा गया था जिसमें मुफ्ती हाफिज ग़ुलाम साबिर साहब हाफिज निजामुद्दीन वारसी साहब के द्वारा कर्बला की जंग के खौफनाक रूह कपा देने वाले किस्से को बयान किया गया अहले बेत के चाहने वालों की आंखें कर्बला के मंजर सुन आंसुओं से भीग चुकीं थी।

मुस्लिम पंच के सदर सलमान निज़ामी ओर जलसा कमेटी के मेम्बरों ने मुफ्ती ग़ुलाम साबिर साहब हाफिज निजामुद्दीन वारसी साहब को हार फूल पहना गले मिल कर सम्मान किया एवं जलसा कमेटी के सदस्यों का भी हार फूल पहना कर सम्मान किया गया जिसमें हैदर अली सैयद फरजाना भाई तालिब खान गुलरेज़ अली सैय्यद अता बाबूजी डॉ.साहिल खान मोहसिन गोलू राजा एवं सभी वरिष्ठ समाजजन मौजूद रहे।
दस दिनों तक मुस्लिम समाज ने जगह जगह खिचड़ा लंगर छबील शरबत का आयोजन किया जिसमें सभी वर्ग समाज से आए लोगों को शरबत पिलाया गया।
योमे आशूरा को शाम चार बजे से मोहर्रम के ताजियों को एक जगह एकत्रित किया गया राणापुर नगर से क़रीब 12 ताज़िए पुराना बस स्टेंड स्थित मुकाम पर लाए गए जहां समाज जन महिलाएं बच्चे बुजुर्ग नो जवान शामिल रहे। जहां पर देर रात तक मान मन्नत उतारने एवं बच्चों को तोलने के लिए हिंदू मुस्लिम कौमी एकता देखने को मिली जिसमें हिंदू समाज से भी काफ़ी संख्या में लोग पहुंचे आस्था अनुसार ताज़िए के सामने किसी ने मान मन्नत ली तो किसी ने मान मन्नत पूरी होने पर मन्नत उतारी।
सुरक्षा की दृष्टि से तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल थाना प्रभारी दिनेश रावत दल बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे।
मुस्लिम पंच के वरिष्ठ नेतृत्व मे ताज़िए का जुलूस रात क़रीब दो बजे नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए या हुसैन के नारों के साथ पुनः क़रीब चार बजे पुराना बस स्टेंड पहुंचे जहां से विसर्जन के लिए एमजी रोड नई कॉलोनी होते हुवे झाबुआ रोड स्थित मदन कुवि पोखर पर पहुंच कर परंपरागत तरीके से सभी ताजियों को विसर्जित किया गया।
