धार@..विनोद राज चौहान
आपसी गुटबाजी का दंश झेल रही देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के लिए आज धार जिले से अच्छी खबर आई है क्योंकि किसी समय पूर्व वन मंत्री गंधवानी विधायक उमंग सिंघार को पहचानने से इंकार करने वाले जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम ने आखिरकार विधायक उमंग सिंघार को पहचान ही लिया इस घटनाक्रम से कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं में भी खुशी देखी जा रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए जारी घमासान ओर अफवाहों पर आज विराम लग गया है आज पूर्व मंत्री उमंग सिंघार जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम एवं जिले के कांग्रेस प्रभारी हेमंत पाल ने संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी अंचलों में विकास के लिये कांग्रेस का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना जरूरी है इसी बात के लिए आपसी सहमति बनी है पार्टी का अध्यक्ष बनाने के पूरे जिले की कांग्रेस एकजुट है जीते हुए सभी प्रत्याशी कांग्रेस का अध्यक्ष बनाने के लीये एकजुटता से मतदान करेंगे।
पार्टी के हित में उमंग सिंघार ओर बालमुकुंद सिंह गौतम ने मिलकर सहमति बनाई है कि जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल ढाई साल रहेगा ढाई साल बाद दूसरा अध्यक्ष बनाया जाएगा।
फिलहाल दोनो नेताओं ने अध्यक्ष पद का उम्मीदवार कौन होगा इसका खुलासा नहीं किया है दोनो नेताओं का कहना था कि कल पर्यवेक्षक के रूप में शोभा ओझा धार आ रही है वही अध्यक्ष उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेंगी साथ ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम ने भाजपा के कुछ जीते जिला पंचायत सदस्यों के कांग्रेस के पक्ष में होने की बात कह भाजपा को झटका देने की कोशिश की है।
अब कल होने वाले चुनाव में स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी कि जिला पंचायत अध्यक्ष का पद किस पार्टी के खाते में जाएगा एवं कांग्रेस की हार या जीत के बाद भी उमंग ओर गौतम का मिलन बरकरार रहता या सिर्फ हाई कमान की नाराजगी से बचने के लिये राजनीतिक स्टंट साबित होगा।
