धार।
मुस्लिम समाज धार द्वारा मोहर्रम की 6 तारीख को कर्बला के शहीदों की याद में खिराज़े अकीदत पेश करने के लिए ज़िक्रे ईलाही व यादे हुसैन अलैह सलाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
आयोजन मुस्लिम समाज सदर अब्दुल समद खाँन के निवास पर किया गया जिसमें मेहमाने खुसूसी हजरत शाह ज़मा साहब नक्शबंदी भोपाल से एवं इंदौर से हजरत सैयद नज़र अली कादरी बाबा साहब खासतौर से तशरीफ लाए।

धार शहर के सभी मस्जिदों के इमाम जिनमे हाफीज़ शाक़ीर अली साहब, हाफीज़ नवाब साहब, हाफीज़ इरफान साहब, हाफीज़ जुनैद साहब, हाफीज़ नीगार साहब, हाफीज़ शाहीद साहब, हाफीज़ मुदस्सीर साहब, मौलाना शाक़ीर साहब, हाफीज़ नसीम साहब, हाफीज़ आरीफ साहब, हाफीज़ आसीम साहब, हाफीज़ वसीम साहब, शकील मौलाना, हाफीज़ इरफान साहब, जावेद नक्शबंदी, मुस्लिम समाज के नायब सदर अमजद बैग साहब, चांद कादरी, अफजल वकील साहब, इमरान वकील साहब, सरफराज़ भाई शेरु, पूर्व पार्षद रईस शेख, उर्स कमेटी खजांची अब्दुल सलाम लल्ला, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष अब्दुल करीम कुरेशी, मुस्लिम महासभा नगर अध्यक्ष हुमायूं शेख गोलू, हसीब सोल्जर सहित शहर के वरिष्ठ एवं गणमान्य नागरीक मौजुद थे।
मेहमाने ख़ुसूसी पिरे तरीकत हज़रत शाह ज़मा साहब द्वारा मोहर्रम के आदाब और इबादत के बारे मैं समझाया गया व हजरत हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत का ज़ीक़्र करते हुए हक और बातील का फर्क समझाया गया।
सदर अब्दुल समद द्वारा मोहर्रम को शांति और सद्भाव के साथ मनाने और ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की अपील की गई।

आने वाले राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाने तथा समाज के सभी घरों पर तिरंगा लगाने का आह्वान किया गया साथ ही बताया गया कि मुस्लिम समाज द्वारा शासन को 500 झंडे उपलब्ध कराए गए हैं।
उर्स कमेटी के खजांची अब्दुल सलाम लल्ला ने भी बताया की कमेटी की तरफ से भी 200 झंडे प्रशासन को उपलब्ध कराए गए हैं।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद रफीक नक्शबंदी द्वारा किया गया तथा आभार सिराज खान साहब द्वारा माना गया।
