धार।
धार जिले के बहुचर्चित कारम डेम के मामले में लापरवाही बरतने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कार्यवाही के बाद डेम के पानी से हुए नुकसान से प्रभावित लोग अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में धार पहुँचे एवं कलेक्टर डॉ.पंकज जैन को अपना दुखड़ा सुनाया।

धरमपुरी विधायक पाचीलाल मेडा एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम के नेतृत्व में कई गाँवो के लोगो ने आज अभिव्यक्ति स्थल से रैली निकाल कर कलेक्टर कार्यालय में धरना दिया।
रैली में शामिल आदिवासी वर्ग ने जमीन के बदले जमीन और मकान के बदले मकान के नारे लगाए वही शिवराज सरकार पर आदिवासीयो पर अत्याचार का आरोप लगाया।
प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर से गुहार लगाई ग्रामीणों का कहना था कि नदी किनारे की जमीन फसल ओर मकान पूरी तरह बर्बाद हो गए है।
सरकार ने सर्वे के बाद मुआवजा सूची जारी करवाई है जिसमे कई प्रभावित ग्रामीणों के नाम छूट गए हैं जरूरी कागज नही होने से उनको मुआवजा नहीं मिलने की बात की जा रही है जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है।

कलेक्टर ने लिखवाए नाम-
कलेक्टर डॉ. पंकज जैन ने महिलाओ सहित बुजुर्गों की बात को संजीदगी से सुना अपनी परेशानी बताने दौरान कई प्रभावितों की आंखे भर आईं।
कलेक्टर ने तुरंत तहसीलदार विनोद राठौड़ को छुटे हुए लोगो के नाम लिखने के निर्देश दिया तहसीलदार ने एक एक कर सभी प्रभावितो के नाम और समस्याओं को नोट किया।
कलेक्टर ने प्रभावित किसान एवं ग्रामीणों को जल्द समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
