मनावर(फिरोज़ खान)
मनावर तहसील की ग्राम पंचायत अजंदिकोट में पंचायत के जिम्मेदारों की लापरवाही ओर उदासीनता से ग्रामीणजन भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर है ग्राम के रसूखदारों ने पानी के निकासी वाले स्थान को मुरम डाल कर बंद कर दिया है जिससे बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो गया है जिससे निकलने वाले ग्रामीण जनों को एवं स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है हमेशा पानी भरा रहने से पूरे गांव में मच्छरों का अंबार लगा हुआ है एवं गांव में बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है।
मामला है ग्राम पंचायत अजंदिकोट का जहा बारिश के पानी की और घर के नाली के पानी की निकासी बंद होने के कारण ग्रामीणों को करना पड़ रहा है परेशानी का सामना ।
परेशानी को लेकर ग्रामीण जनों द्वारा कई बार ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों का ध्यानाकर्षण करवाया है लेकिन पंचायत के जिम्मेदार लगातार लापरवाही और उदासीनता बरत रहे हैं सरपंच से लेकर सचिव एवं सहायक सचिव चुप्पी साधे हुए हैं।
स्कूल से आने जाने में बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है रोड पर गंदा पानी होने कारण बच्चों को संभलकर साइड से निकलना पड़ रहा है आए दिन यहां मोटरसाइकिल सवार गाड़ी फिसलने से गिर रहे हैं लेकिन ग्राम पंचायत,और संबंधित अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है ।
जब इस बारे में हमने ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों से चर्चा करना चाहिए तो सभी एक दूसरे पर मामला ढोलने लगे वही सरपंच से बात करना चाहा तो वह माइक और कैमरे के सामने बोलने से साफ मना कर गए।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत के सचिव कैलाश मुवेल से चर्चा करने पर उनका जवाब भी बड़ा ही हास्यपद था सचिव महोदय का कहना था कि वर्जन लेने के लिए आपको यहां आना पड़ेगा मैं वर्जन वही दे पाऊंगा आमने-सामने बैठकर ही बात हो पाएगी अब यह तो सचिव ही बता सकते हैं की आमने सामने बात कैसे होती है और वर्जन कैसे होता है।

ग्रामीणों का कहना है के ग्राम के ही रणछोड़ नामक व्यक्ति ने नाले के रास्ते पर मुरूम डालकर पानी की निकासी को बंद कर दिया जिससे पानी पूरा रोड पर एकत्रित हो रहा है
जबकि रणछोड़ द्वारा मकान निर्माण करने के पूर्व ही स्टांप पर लिख कर दे दिया गया था की 3 फीट की नाली पानी की निकासी के लिए छोड़ेगा किंतु रणछोड़ द्वारा सिर्फ 1 फीट का पाइप डाल करें इतिश्री कर ली गई और तो और उस पर मुरम डालकर पूरा पानी रोक दिया।
जिससे लगातार मच्छर पनप रहे हैं ग्रामीणों में भय है के कहीं कोई बड़ी बीमारी ग्राम में दस्तक ना दे दे।
ग्रामीणों का कहना है कि इसका जल्द निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा एवं उच्च स्तर पर मामले की शिकायत की जाएगी।
