धार।
पुलिस कप्तान आदित्य प्रताप सिंह ने धार जिलें के अलग अलग थाना अंतर्गत गुम हुए मोबाइलो के आवेदन पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिये एडिशनल एसपी देवेन्द्र पाटीदार के मार्गदर्शन में क्राईम ब्रांच डीएसपी निलेश्वरी डावर के साथ-साथ क्राईम ब्रांच धार प्रभारी त्रिलोक सिंह बैस एवं धीरज सिंह राठौड़ को दिशा निर्देश दिए थे।

अमूमन जब भी किसी फरियादी का मोबाईल कही गिर जाता है तो फरियादी नियमानुसार मोबाइल गुम होने वाले स्थान के नजदीकी पुलिस थाने में गुम मोबाईलो के बिल सहित आवेदन प्रस्तुत करता है तथा वह आवेदन पत्र थाना प्रभारियों के माध्यम से ट्रेसिंग के लिएसायबर सेल धार भेजे जाते हैं।
एसपी आदित्य प्रताप सिंह के निर्देश पर क्राईम ब्रांच प्रभारी त्रिलोक सिंह बैस द्वारा सक्रियता दिखाते हुयें जिलें के थाना प्रभारियों द्वारा भेजे गए आवेदन पत्रो को सायबर सेल धार के सर्वेश सिंह सोलंकी, प्रशांत सिंह चौहान, शुभम शर्मा,आदर्श सिंह रघुवंशी, विवेक पांचाल ने जनवरी 2022 से जिलें में गुम हुए मोबाइलो के आवेदन पत्र एवं बिल के आधार पर मोबाइलों को ट्रेसिंग हेतु विभिन्न टेलीकाम कंपनियों को भेजे, जिसमें विभिन्न कंपनियों के कुल 40 महंगे स्मार्ट फोन धार जिले व आस-पास के जिले एवं सीमावर्ती राज्यों में चालू होना पाए गए चूंकि फरियादियों द्वारा आवेदन पत्र में मोबाईल अपनी गलती से गिरना बताया गया था इसीलिए सायबर सेल द्वारा गुम हुए मोबाइलो को चलाने वाले यूजर्स को काल लगाकर उनसे मोबाईल को वापस सायबर सेल धार में जमा कराने के लिए कहा गया जिस पर से सायबर सेल धार में 40 महंगे स्मार्ट मोबाईल फोन प्राप्त हुए।

जप्त 40 मोबाइलो में 14 विवो कंपनी, 12 ओपो कंपनी, 04 रेडमी कंपनी, 04 सेमसंग कंपनी, 03 रियल-मी कंपनी, 01 वन प्लस कंपनी, 01 टेक्नो कंपनी व 01 नोकिया कंपनी के है सभी महंगी कंपनियों के स्मार्ट मोबाइल फोन है, जिनकी बाजार में कीमत लगभग छः लाख रूपये से अधिक है।
ऑनलाइन ठगी व ब्लैकमेलिंग के शिकार लोगो को मिली राहत-
हाल फिलहाल में सायबर ठगो द्वारा विभिन्न प्रकार के हथकंडे अपनाकर जैसे आनलाईन लोन/जाब, बिजली का बिल का कनेक्शन काटने की धमकी देना,अश्लील वीडियों काल कर ब्लैकमेल करना, ओटीपी द्वारा बैंक अकाउंट खाली करना, ओएलएक्स के माध्यम से धोखाधडी करना आदि द्वारा जिलें की भोली-भाली जनता के साथ आनलाईन धोखाधडी की गई थी पीडित पक्ष द्वारा तत्काल संबंधित थाने के साथ सायबर सेल व क्राईम ब्रांच धार को सूचना दी गई जिस पर सायबर सेल व क्राईम ब्रांच धार के द्वारा संबंधित बैंक व आईलाईन यूपीआई जैसे पेटीएम, फोन-पे, अमेजन-पे आदि पोर्टल के नोड़ल अधिकारियों से सम्पर्क स्थापित कर 06 पीड़ितो को कुल 2,62,818/रू. पुनः संबंधित के खाते में जमा करवाये।
गुमशुदा बच्चो को मिलाया परिजनों से-
पुलिस कप्तान की टीम ने इस दिशा में विशेष कार्य करते हुए धार जिलें के विभिन्न थानों में दिनांक 01.01.2022 से दिनांक 31.10.2022 की अवधि में कुल 477 बालक/बालिकाओं की गुमशुदगी दर्ज की गई संबंधित थाना प्रभारी एवं विवेचको से प्राप्त पत्र अनुसार गुमशुदा एवं अन्य संदेहियों के मोबाइल नम्बर की सीडीआर एवं लोकेशन संबंधी जानकारी टेलीकाम कंपनियों से सायबर सेल टीम द्वारा समय-समय पर ली जाकर पूरे वर्ष में कुल 132 गुमशुदा बालक/बालिकाओं को सायबर सेल की मदद से दस्तयाब किया जाकर उनके परिजनों से मिलवाया गया।
